एक सोच जो पूरी हुई
अन्य गोत्रों की खापों बारे जब भी पढ़ता था तो मन में इच्छा उत्पन्न होती थी कि काजला गोत्र की भी एक खाप बने। इस सम्बन्ध में कई वर्षों से भाई धर्मबीर काजला व भाई सुरजभान काजल से बातचीत होती रहती थी और दोनों ही मुझे प्रोत्साहित करते थे कि इसे अमलीजामा पहनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। इस सम्बन्ध में मेरे हिसार स्थित निवास पर 24 अक्तुबर विजय दसवीं के शुभावसर पर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मेरे अतिरिक्त सर्वश्री धर्मबीर काजला, सुरजभान काजल, महेन्द्र सिंह काजल, बीरसिंह काजला, मांगेराम काजला, सीताराम काजला, सतपाल सिंह काजला, धूपसिंह काजला, मनीराम काजला, दिनेश कुमार काजल, कैप्टन रामपाल सोलधा, नरसिंह काजल, मेहरसिंह काजल, हरिओम काजल, नफेसिंह काजल, आशीष काजल व सुरेन्द्र काजल ने भाग लिया।

संस्थापक सदस्यों की इस बैठक के निर्णय अनुसार 23 दिसम्बर 2012 केा हिसार के राजेश होटल में विभिन्न जिलों व गांवों से आए 151 काजला गोत्र के बन्धुओं की बैठक कैप्टन रामपाल सोलधा निवासी की अध्यक्षता में हुई और एक स्वर से लिए गए निर्णय के बाद काजला खाप अस्तित्व में आ गई। इस पुनीत कार्य को अन्जाम तक पहुंचाने के लिए मैं नत मस्तक होकर सभी भाईयों को नमन करता हूं व सभी भाईयों का आभारी हूं कि हमारी कई वर्ष पुरानी सोच पूरी हुई।

खाप के गठन के बाद हमारा सामाजिक दायरा काफी बढ़ गया है। इसी के दृष्टिगत काजला खाप की जींद की जाट धर्मशाला में 19 मई 2013 को हुई द्वितीय आम सभा में खाप की टेलीफोन डायरेक्टरी बनाने का निर्णय लिया गया था ताकि आपस में भाईयों का सम्पर्क आसानी से बना रहे।

आशा है कि यह डायरेक्टरी आपसी सम्पर्क की दिशा में काफी कारगर साबित होगी। डायरेक्टरी में जाट जाति, खाप व काजला गोत्र के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी गई है, उम्मीद है यह उपयोगी साबित होगी। काजला खाप के उद्देश्यों का ब्यौरा भी अनुपालनार्थ डायरेक्टरी में दिया गया है।

मोबाइल नम्बर संकलन मंे हालांकि पूरी सतर्कता बरती गई है, लेकिन फिर भी किसी त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

इस डायरेक्टरी के प्रकाशन में जिन मित्र बन्धुओं ने यत्-किंचित भी सहयोग प्रदान किया है, उनका दिल की गहराईयों से आभार प्रकट करता हूँ और भविष्य में भी उनके स्नेह की कामना करता हूँ।

राजमल काजल
संपादक
 
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