खाप
खाप शब्द से अभिप्राय है-प्रतिनिधित्व। जन प्रतिनिधियों ने मिलकर ही 600 ई? से पूर्व खाप पंचायतों का गठन किया था जो आज भी विद्यमान हैं। सम्राट हर्षवर्धन के शासनकाल में उसके राज्य में जाटों की पंचायती खाप हर क्षेत्र में थी। उन्होंने सन् 643 ई? में कन्नौज में विशाल हरियाणा की सभी खापों को बुलाकर एक सम्मेलन किया। इस सम्मेलन में इन सभी खापों का एक गणतन्त्रीय संगठन बनाया गया जिसका नाम हरियाणा सर्वखाप पंचायत रखा गया। उस समय इस संगठन के मुख्य स्थान कुरूक्षेत्र, दिल्ली, रोहतक, हरिद्वार व कन्नौज थे। इसकी स्थापना को आज लगभग 1427 वर्ष हो गए हैं। यह संगठन आज भी कायम है जिसमें 300 से अधिक खापंे शामिल हैं। जाटों में जैसा पंचायती संगठन है, वैसा संगठन संसार की किसी दूसरी जाति में देखने को नहीं मिलता।
 
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