खाप के उद्देश्यों की पूर्ति हेतू किये गये प्रयासों का विवरण
राष्ट्रीय काजला खाप वन मैन शो बनकर कार्य नहीं करेगी। खाप का संचालन पूरी तरह से लोकतान्त्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। खाप प्रत्येक वर्ष अपना राष्ट्रीय सम्मेलन अर्थात् जनरल बाडी बैठक मार्च माह के प्रथम रविवार को अलग-अलग स्थानों पर आयोजित करती है और आवश्यकता अनुसार राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यकरणी की बैठकों का आयोजन होता है। खाप का 23.12.2012 को हिसार के राजेश होटल में 151 सदस्यों की उपस्थिति में गठन हुआ था। इसके पश्चात् 19.05.13 को जाट धर्मशाला जींद, 09.03.14 को जाट धर्मशाला कुरूक्षेत्र, 01.03.15 को जाट धर्मशाला करनाल में व 05.03.17 को झज्जर के नया गांव में खाप के राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुये हैं और अब 25.03.18 को भिवानी के सिवानी कस्बा में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इन सम्मेलनों में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उतर प्रदेश व राजस्थान के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त 08.02.14 को जीन्द, 16.08.14 को हिसार व 14.12.14 को राजस्थान के झुंझुनू, 27.09.15 व 28.01.17 को रोहतक, 04.09.16 को उत्तर प्रदेश के शामली, 12.07.17 में राजस्थान के गांव ठीकरियां और 17.12.17 को पंजाब के गांव बंगा में खाप की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी की संयुक्त बैठकें करके सामूहिक निर्णय लिये गये हैं।

लक्ष्यों की पूर्ति हेतू निम्नलिखित निर्णय लिये गये हैं।

1. कन्या भ्रूण हत्या बन्द करने बारे:- जींद की जाट धर्मशाला में दिनांक 19 मई 2013 को खाप के राष्ट्रीय सम्मेलन में कन्या भ्रूण हत्या को एक घिनौना अपराध व महापाप मानते हुये इसके भयंकर परिणामों के खिलाफ समाज को जागृत करने का निर्णय लिया। खाप के प्रवक्ता एवं प्रार्चाय श्री जगदीश काजला के प्रस्ताव पर सम्मेलन में उपस्थित सैंकड़ो काजला गोत्र के बन्धुओं ने इस महापाप से दूर रहने के लिये ईश्वर के नाम पर निम्नलिखित शपथ ग्रहण की। मैं ईश्वर के नाम पर शपथ लेता हूं कि कन्या भू्रण हत्या के घिनौने अपराध व महापाप को कभी भी व किसी भी हालात में नहीं करूंगा और न करने दूंगा और इस सम्बन्ध में समाज को भी सच्चे मन से जागृत करने का प्रयास करूंगा। इस शपथ के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहें हैं। इससे आगे कड़ा निर्णय लेते हुये दिनांक 01.03.2015 को करनाल की जाट धर्मशाला में आयोजित खाप के राष्ट्रीय सम्मलेन में निर्णय लिया गया कि यदि काजला गोत्र का कोई बन्धु रेप या कन्या भू्रण हत्या के घिनौने अपराधों में दोषी साबित पाया जाता है तो खाप उसका सामाजिक बहिष्कार करते हुये हुक्का पानी बन्द करेगी। आशा है कि ऐसा कोई मामला पैदा ही नही होगा।

2. डी0जे0 का प्रयोग बन्द करने बारे:- कुरूक्षेत्र की जाट धर्मशाला में आयोजित हुये खाप के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन दिनांक 09.03.2014 में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि ब्याह शादियों एवं अन्य उत्सवों में सार्वजनिक स्थान पर डी0जे0 का प्रयोग नहीं किया जायेगा। इस निर्णय को मूर्तरूप देने के लिये करनाल में 01.03.2015 के राष्ट्रीय सम्मेलन में कड़ा निर्णय लिया गया कि खाप निर्णय के खिलाफ डी0जे0 का सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने वाले भाई पर 11 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा।

3. भाईचारे को मजबूत करना:- आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिये खाप की एक डायरेक्ट्री का प्रकाशन किया गया जिसमें जाट समाज-खाप व काजला गोत्र के संक्षिप्त विवरण सहित हरियाणा-पंजाब, यू0पी0, दिल्ली व राजस्थान के सैंकड़ों गांवों में बसने वाले काजला गोत्र के बन्धुओं के टेलीफोन या मोबाईल नम्बर दर्ज किये गये ताकि दुख-सुख में आपसी सम्पर्क आसानी से बना रहे। इसके अतिरिक्त हिसार की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजभान काजल के नेतृत्व में एक भाईचारा तालमेल कमेटी का गठन किया गया जिसके अन्य सदस्य मिंया सिंह काजल, प्राचार्य जगदीश काजला, एडवोकेट रामचन्द्र काजला, सरपंच धूपसिंह काजला व सूबेदार महाबीर काजला होंगे। यह कमेटी खाप के भाईयों में आपसी मनमुटाव दूर करवाने का काम भी करेगी।

4. समगोत्र व समगांव में विवाह को प्रतिबन्धित करने बारे:- दिनांक 19.05.2013 को जींद की जाट धर्मशाला में आयोजित किये गये खाप के राष्ट्रीय सम्मेलन में इस मसले पर विस्तारपूर्वक चर्चा करने उपरान्त निर्णय लिया गया था कि समगोत्र विवाह न ही तो शास्त्र सम्मत है और न ही वैज्ञानिक दृष्टि से उचित है। माना जाता है कि पिता की 7 पीढ़ीयों व मां की 5 पीढ़ीयों तक जीन का प्रभाव रहता है। इस प्रभाव के चलते यदि समगोत्र की संतानों की आपस में शादी होती है तो ऐसे जोड़ों से उत्पन्न होने वाली संतानों के विकलांग-मंदबु(ि व कमजोर होने की आशंकाएं अधिक होती हैं। आनुवांशिक वैज्ञानिकों की भी यही धारणा है कि मानव में जीन का जितना अधित दूरवर्ती का मिश्रण होगा उतना ही मानव जाति का विकास चिरस्थाई, रोगरहित व सबल होगा। इसी तरह उत्तरी भारत के गांवों के भाईचारे की भावना इतनी प्रबल है कि हम गांव में बसने वाली 36 कोम वालों को भाई बहन मानते हैं। इसी कारण से हम समगांव में विवाह को हमारी संस्कृति-परम्परा व मर्यादा के विरू( मानते हैं। उक्त कारणों के चलते खाप ने अपना सर्वसम्मत पारित प्रस्ताव भारत सरकार को भेजकर मांग की है कि हिन्दू मैरिज एक्ट 1955 में संशोधन करके समगांव व समगोत्र में विवाह को प्रतिबन्धित करे ताकि भाई बहन का पवित्र रिश्ता बना रहे और हमारी सैंकड़ों वर्ष पुरानी संस्कृति-परम्परा व मर्यादा पर आंच न आये। इतना ही नही खाप ने इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन राजस्थान के झुंझनू जिले के कलैक्टर के माध्यम से भी केन्द्रिय सरकार को 15.12.2014 को भेजा है। खाप समगोत्र में विवाह के अवगुणों का जोरदार प्रचार भी कर रही है। खाप का यह भी मानना है कि ऐसे विवाहों पर प्रतिबंध लगने से आॅनर किलिंग भी समाप्त हो जायेगी। खाप इस मांग को मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।

5. जातिवाद मिटाने के लिए प्रयास करना:- काजला खाप समय-समय पर जात-पात का विरोध जताती रही है और इसने गोविन्द पैलेस हिसार मे आयोजित अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिनांक 16.08.2014 में अन्तर्जातीय विवाह का समर्थन करके जात-पात को मिटाने के लिये अहम कदम उठाया है। काजला खाप का मानना है कि अन्तर्जातीय विवाहों को बढ़ावा देने से जात-पात की गंदी सोच स्वतः ही समाप्त हो जायेगी। लेकिन ऐसे विवाह गांव-गोत्र व गुहांड से बाहर होने चाहिए।

6. दहेज प्रथा को जड़-मूल से समाप्त करना:- काजला खाप ने निर्णय लिया है कि एक रूपये के शगुन से शादी करने वाले परिवारों को काजला खाप सम्मानित करेगी। इससे दहेज प्रथा पर रोक लगेगी और साथ ही साथ एक रूपये के शगुन से कन्या भू्रण हत्या भी रूकेगी और साधारण परिवार दान-दहेज के डर से मुक्त होकर बेटियों के पैदा होने पर खुशी मनाएंगे।

7. मृत्यु भोज बन्द करना:- काजला खाप मृत्यु भोज के घोर विरोध में है। खाप के राष्ट्रीय सम्मेलन में निर्णय लिया गया है कि खाप के लोग शोक प्रकट करने जाने पर मृत्यु भोज को अस्वीकार करेंगे और सर्वप्रथम साधन सम्पन्न लोगों से इस प्रथा को बन्द करने का आग्रह करेंगे ताकि गरीब लोग इस अनावश्यक भारी भरकम खर्च से बच सके। मृत्यु भोज बंद करवाने का प्रयास जारी रहेगा।

8. सामाजिक सरोकारों में भाग लेना:- काजला खाप ने पर्यावरण शु(ि के लिये यह नारा अपनी डायरेक्ट्री में दिया है। पेड़ों से रहेंगे हमारे प्राण- एक वृक्ष दस पुत्र समान। खाप के अपने राष्ट्रीय सम्मेलन दिनांक 09.03.2014 में सभी सदस्यों ने शपथ ली कि वे अपने प्रत्येक जन्म दिवस न शादी की सालगिरह पर एक पेड़ अवश्य लगायेंगे व अन्य को भी प्रेरित करेंगे।

9. जाट आरक्षण:- काजला खाप जाट आरक्षण का जोरदार समर्थन करती है तथा इससे सम्बन्धित सभी बैठकों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। यह मांग उचित है और जाटों को आरक्षण मिलना ही चाहिए।

10. अन्य निर्णय:- खाप ने सरकार को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिये स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करे और वर्तमान भूमि अधिग्रहण कानून में कोई संशोधन न करें। खाप ने स्वच्छ भारत अभियान का समर्थन करते हुये सरकार से पाॅलीथिन बैगस के प्रयोग पर पूर्ण पाबन्दी लगाने की मांग की है। खाप ने सरकार से अश्लील विज्ञापनों को प्रतिबन्धित करने की मांग भी की है और कहा है कि महिलाओं को विज्ञापनो में उपभोग की वस्तु के रूप में दर्शाने के खिलाफ कानून बनायें।
 
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